प्रा चा र्य,र्य एम. ए. कॉ लेजले ऑफ एजुकेजुकेशन, ब लकि सगंजगं , सी हो र (म..)
वि द्या र्थी सहभा गि ता 21वीं सदी की शि क्षा में गुणवत्ता का एक मुख मा पदंड बन चुकी है। यह लेख वि द्या र्थि यों की सहभा गि ता को प्रो सा हि त करने वा ली भा वी शैणि क रणनी ति यों की वि तृत समी क्षा तुत करता है। इसमें संज्ञा ना मक, भा वा मक और वहा रि क सहभा गि ता के का रों की व्या या करते ए यह दर्शा या गया है कि कि स का र सक्रि य अधि गम, सूचना एवं संचा र प्रौ द्यो गि की (ICT), सहपा ठी शि ण, प्रेरक संवा द तथा मूयां कन आधा रि त फी डबैक वि द्यार्थि यों की सी खने की प्रेरणा और शैणि क दर्शन को सुढ़ करते हैं। वि भि रा ष्ट्री य और अंतररा ष्ट्री य शो ध नि कर्षों के मा यम से यह लेख यह सि करता है कि सहभा गी छा न केवल कक्षा में बेहतर दर्शन करते हैं, बल्कि दी र्घका लि क व्या वसा यि क और सा मा जि क दता में भी अणी हो ते हैं। यह समी क्षा शि क-शि क्षा पा मों के लि ए उपयो गी सि हो सकती है और शि क्षा नी ति नि र्धा रण में सहभा गि ता -आधा रि त शि ण को प्रा थमि कता देने का सुझा व देती है।
